शब्द मोत्यांसारखे असतात म्हणून कसेही माळायचे नसतात.... शब्दांच्या ओळी होतांना, शब्दांचे अर्थ सांडायचे नसतात!!
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| _________________________शुभांगी ... |
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| नि:शब्द तू राहू नको.. | | माझे तुला हे सांगणे..... | | मनाला ही बांधू नको... | | निर्मल असू दे वागणे... |
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| _________________________शुभांगी ... |
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| काय झाले माझे मलाच कळेना |
| | शब्द अडकले ओठातच... |
| | मन लागले भरकटु |
| | ताब्यात ते येइचना.... |
| | _____________________शुभांगी... |
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| | शब्द बांधूच नयेत मुळी |
| | असे कसे तू बोलावे.. |
| | असते बंधन मनाचे.. |
| | जे शब्दांमधून जाणवते.... |
| | _______________________शुभांगी |
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